उत्तराखंड के प्रमुख बुग्याल -Famous Bugyals in Uttarakhand
उत्तराखंड के प्रमुख बुग्याल
उत्तराखंड के बुग्याल: उत्तराखंड के बुग्याल मुख्यतः चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में पाए जाते हैं। उत्तराखंड के प्रमुख बुग्यालों की जानकारी यहाँ दी गयी है।
बुग्याल किसे कहते हैं ?
उत्तराखंड में हिमशिखरों की तलहटी में जहाँ पेड़ों की पत्तियाँ समाप्त हो जाती हैं, वहाँ से विशालकाय घास के मैदान आरम्भ होते हैं, उन्हें बुग्याल कहते हैं। आमतौर पर यह बुग्याल 8000 फीट से 10,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित होते हैं।
उत्तराखण्ड के गढ़वाल हिमालय में हिमशिखरों की तलहटी में जहाँ टिम्बर रेखा (यानी पेडों की पंक्तियाँ) समाप्त हो जाती हैं, वहाँ से हरे मखमली घास के मैदान आरम्भ होने लगते हैं। आमतौर पर ये 8 से 10 हजार फीट की ऊँचाई पर स्थित होते हैं। गढ़वाल हिमालय में इन मैदानों को बुग्याल कहा जाता है।
बुग्याल हिम रेखा और वृक्ष रेखा के बीच का क्षेत्र होता है। स्थानीय लोगों और मवेशियों के लिए ये चरागाह का काम देते हैं तो बंजारों, घुमन्तुओं और ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए आराम की जगह व कैम्पसाइट का।
गर्मियों की मखमली घास पर सर्दियों में जब बर्फ़ की सफेद चादर बिछ जाती है तो ये बुग्याल स्कीइंग और अन्य बर्फ़ानी खेलों का अड्डा बन जाते हैं। गढ़वाल के लगभग हर ट्रैकिंग रूट पर इस प्रकार के बुग्याल मिल जाएंगे।
कई बुग्याल तो इतने लोकप्रिय हो चुके हैं कि अपने आप में पर्यटकों का आकर्षण बन चुके हैं। जब बर्फ़ पिघल चुकी होती है तो बरसात में नहाए वातावरण में हरियाली छाई रहती है। पर्वत और घाटियां भान्ति-भान्ति के फूलों और वनस्पतियों से लकदक रहती हैं।
अपनी विविधता, जटिलता और सुंदरता के कारण ही ये बुग्याल घुमक्कडी के शौकीनों के लिए हमेशा से आकर्षण का केन्द्र रहे हैं। मीलों तक फैले मखमली घास के इन ढलुआ मैदानों पर विश्वभर से प्रकृति प्रेमी सैर करने पहुँचते हैं।
इनकी सुन्दरता यही है कि हर मौसम में इन पर नया रंग दिखता है। बरसात के बाद इन ढ़लुआ मैदानों पर जगह-जगह रंग-बिरंगे फूल खिल आते हैं। बुग्यालों में पौधे एक निश्चित ऊँचाई तक ही बढ़ते हैं। जलवायु के अनुसार ये अधिक ऊँचाई वाले नहीं होते। यही कारण है कि इन पर चलना बिल्कुल गद्दे पर चलना जैसे लगता है।
उत्तराखंड का सबसे बड़ा बुग्याल कौन सा है ?
चमोली जनपद स्थित ‘बेदिनी बुग्याल’ उत्तराखंड का सबसे बड़ा बुग्याल है।
उत्तराखंड के प्रमुख बुग्याल (Famous Bugyals in Uttarakhand)
उत्तराखंड के प्रमुख बुग्याल इस प्रकार हैं –
घसतौली बुग्याल – चमोली
पाडूसेरा बुग्याल – चमोली
रुद्रनाथ बुग्याल – चमोली
रताकोण बुग्याल – चमोली
मनणी बुग्याल – चमोली
चोमासी बुग्याल – चमोली
बागची बुग्याल – चमोली
बेदनी बुग्याल – चमोली
रूपकुंड बुग्याल – चमोली
कल्पनाथ बुग्याल – चमोली
मासरताल बुग्याल – टिहरी
जौराई बुग्याल – टिहरी
खतलिंग बुग्याल – टिहरी
कसनी खर्क बुग्याल – रुद्रप्रयाग
मदमेश्वर बुग्याल – रुद्रप्रयाग
चोपता बुग्याल – रुद्रप्रयाग
बर्मी बुग्याल – रुद्रप्रयाग
औली बुग्याल – जोशीमठ (चमोली) (उखीमठ तथा गोपेश्वर के बीच में)
दयारा बुग्याल – उत्तरकाशी
कुश कल्याण बुग्याल – उत्तरकाशी
हर की दून बुग्याल – उत्तरकाशी
सोनागाड़ बुग्याल – उत्तरकाशी
तपोवन बुग्याल – उत्तरकाशी
पवांली कांठा बुग्याल – उत्तरकाशी
क्वारी पास बुग्याल – चमोली
फूलों की घाटी – चमोली
नंनदनकानन बुग्याल – चमोली
गोरसों बुग्याल – चमोली
लक्ष्मीवन बुग्याल – चमोली
कैला बुग्याल – चमोली
जलीसेरा बुग्याल – चमोली
