Posts

Showing posts with the label उत्तराखंड की चित्रकला का इतिहास

उत्तराखंड की चित्रकला का इतिहास

उत्तराखंड की चित्रकला का इतिहास कई वर्षों पूर्व से शुरू होता है। उत्तराखंड की गुफाएं पहाड़ी चित्रकला शैली से भरी पड़ी हैं। उत्तराखंड की चित्रकला के साक्ष्य कई प्राचीन गुफाओं से प्राप्त हुए हैं, जहाँ प्राचीनतम शेल चित्र पाए गए हैं। जिनमें मानव को समूह में नृत्य करते हुए और विभिन्न पशुओं को दर्शाया गया है, जिन्हें रंगों से सजाया भी गया है। उत्तराखंड राज्य में चित्रकला के सबसे प्राचीनतम नमूने शैल चित्र (Rock paintings) के रूप में लाखु, ग्वारख्या, किमनी गाँव, ल्वेथाप, हुडली, पेटशाल, फलसीमा आदि गुफ़ाओं (Caves) में देखने को मिलते है। उत्तराखंड के कुछ प्राचीनतम कला-स्थल — अल्मोड़ा के लाखु गुफा के शैल चित्र में मानव को अकेले व समूह में नृत्य करते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा विभिन्न पशुओं को भी चित्रित किया गया है, इन चित्रों को रंगों से भी सजाया गया है। चमोली के ग्वारख्या की गुफा में अनेक पशुओं के चित्र मिलते है, जो लाखु के चित्रों से अधिक चटकदार है। चमोली के किमनी गांव के शैलचित्र में हथियार एवं पशुओं के चित्र है, जिन्हें सफेद रंग से रंगा गया है। अल्मोड़ा के ल्वेथाप के शैलचित्र में ...