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कोरोना वायरस : COVID-19 ‪‪Coronavirus (India)‬‬: Coronavirus Disease (COVID-19)

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Coronavirus, also known as COVID-19 has now spread to a number of countries around the world. COVID-19  CO-  कोरोना   VI - वायरस   D- D isease    19 - 2019 कोरोना वायरस :  COVID-19  कोरोनावायरस को आखिरकार एक नाम मिल ही गया. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगवार को कोरोना वायरस को नया नाम कोविड 19 (COVID-19) दिया। कोविड 19 कोरोनावायरस से अब तक दुनिया में लगभग 100,000 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि लगभग 3,089 लोगों की मौत हो चुकी है। संकेत और लक्षण पीड़ित व्यक्ति के कोई संकेत और लक्षण नहीं भी हो सकते हैं, हालांकि लक्षण प्रकट करने वाले लोगों में बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ और दस्त हो सकते हैं, और मामूली से बहुत गंभीर हो सकते हैं। 3 फरवरी 2019 तक गंभीर मामलों की संख्या 17,393 में से 2,298 है, जिसमें 488 स्वस्थ हुए हैं। गंभीर संक्रमण के मामलों के परिणामस्वरूप निमोनिया, गुर्दे की विफलता और मृत्यु हो सकती है। ऊपरी श्वसन लक्षण जैसे कि छींकना, बहती नाक या गले में खराश अक्सर कम होते हैं।[93][94] लक्षणों की शुरु...

महापुरुषो के समाधि स्थल Trick (Maha Puruso ke Samadhi Sthal)

“इन्द्र की शक्ति, जग मे समता ! वीर है राजीव, लाल विजय ! बापू करे राज, चाचा रहे शांत ! मेरी अभय, चौधरी किसान” ! Explanation इन्द्र की शक्ति – ( शक्ति स्थल – इंदिरा गांधी ) जग मे समता – ( समता स्थल – जग जीवन राम ) वीर है राजीव – ( वीर भूमि – राजीव गाँधी ) लाल विजय – ( विजय घाट – लाल बहादुर ) बापू करे राज – ( राज घाट – महात्मा गाँधी ) चाचा रहे शांत – ( शांति वन – जवाहर लाल नेहरू ) मेरी अभय – ( अभय घाट – मोरारजी देसाई ) चौधरी किसान – ( किसान घाट – चौधरी चरण सिंह )

CHILD DEVELOPMENT AND PEDAGOGY IMPORTANT QUESTIONS

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र महत्वपूर्ण प्रश्न (CHILD DEVELOPMENT AND PEDAGOGY IMPORTANT QUESTIONS FOR CTET & ALL TET EXAMS) प्रश्न विकास की प्रक्रिया संबंधित होती है उत्तर- अधिगम से एवं कौशल अधिगम से प्रश्न अधिगम के लिए आवश्यक है उत्तर – बालक की मानसिक स्वस्थता एवं शारीरिक स्वास्थ्यता प्रश्न कौशल आत्मक अधिगम के लिए प्रमुख आवश्यकता होती है उत्तर- शारीरिक विकास की प्रश्न व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाने एवं व्यक्तित्व गुणों के सीखने में आवश्यक होता है उत्तर – शारीरिक , मानसिक एवं सामाजिक विकास प्रश्न स्वस्थ शरीर में निहित है उत्तर – स्वस्थ मन प्रश्न गतिविधि आधारित अधिगम के लिए आवश्यक है उत्तर शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रश्न विकलांग बालकों के समक्ष विद्यालय में समायोजन की समस्या का प्रमुख कारण होता है उत्तर शारीरिक विकास प्रश्न शारीरिक विकास को महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है उत्तर क्योंकि यह मानसिक विकास में योगदान देता है यह अधिगम में योगदान देता है तथा कौशलों के सीखने में भी योगदान देता है प्रश्न अव...

BUDGET 2020: CURRENT AFFAIRS QUESTION IN HINDI

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GK Questions from Union Budget 2020 वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण ने 1 फरवरी 2020 को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट लोकसभा मे पेश किया। आज इस पोस्ट मे हम इस बजट से संबंधित उन सभी प्रश्नों को जानेगे जिनसे प्रतियोगी परीक्षाओ मे प्रश्न पूछे जा सकते है। Q.1 आम बजट 2020-21  इसके द्वारा पेश किया गया?  उत्तर-  निर्मला सीतारमण Q.2 भारतीय कंपनियों द्वारा भरे जाने वाले डिविडेंड डिसटीब्यूशन टैक्स (DDT) को 15% से घटाकर कितना कर दिया है?  उत्तर- Nill Q.3  बजट 2020 में किस वर्ष तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है?  उत्तर- 2022 Q.4  निर्मला सीतारमण के द्वारा देश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किसकी स्थापना करने की घोषणा की गई है?  उत्तर- स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम Q.5 बजट 2020 में कौन सी दो संस्थाओं में सरकार द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया गया है?  उत्तर- LIC तथा  IDBI Q.6 वित्तीय वर्ष 2020-21  में जीडीपी की अनुमानित दर कितनी रखी गई है?  उत्तर-  10% Q.7  स्किल डेवलपमेंट के ल...

उत्तराखंड के प्रमुख संस्थान (UTTARAKHAND KE PRAMUKH SANTHAN)

उत्तराखंड के प्रमुख संस्थान उत्तराखंड में स्थित प्रमुख संस्थान (Major institutions in Uttarakhand) : उत्तराखंड के प्रमुख संस्थान, संस्थानों के स्थापना वर्ष एवं उनके स्थानों की जानकारी — उत्तराखंड के प्रमुख संस्थान उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (Uttarakhand Public Service Commission) गठन — अप्रैल 2001 मुख्यालय — हरिद्वार सदस्यों की संख्या — अध्यक्ष सहित कुल 4 प्रथम अध्यक्ष  — एन. पी. नवानी आर्यभट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (Aryabhata Research Institute of observation) गठन — 1954 में राजकीय वेद्यशाला, वाराणसी स्थानान्तरण — 1955 में शेर का डांडा पहाड़ी, नैनीताल स्थापित — 1961 में मनोरा पहाड़ी, नैनीताल इस वेद्यशाला का शोध कार्य राष्ट्रीय (National) तथा अन्तर्राष्ट्रीय (International) स्तर की मानक पत्रिकाओं (Standard Magazines) ने प्रकाशित किया जाता है। भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (Indian Forest Research Institute) गठन — 1906 स्थान — देहरादून 12000 एकड़ में फैले इस संस्थान में टिम्बर म्यूजियम (Timber Museum), मिनौर फारेस्ट प्रोजेक्ट म्यूजियम (Minaur Forest Project...

उत्तराखंड की शिल्पकला के प्रकार

काष्ठ शिल्प समूचा उत्तराखंड लकड़ी की प्रधानता के कारण काष्ठ-शिल्प के लिए प्रसिद्ध है। लकडी से पाली, ठेकी, कुमया भदेल, नाली, आदि तैयार की जाती है। राजि जनजाति के लोग इस कार्य में मुख्यत: लगे हुए है। रिंगाल मुख्यतः चमोली, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ आदि जनपदों का मुख्य हस्तशिल्प उद्योग है। रिंगाल से डालें, कंडी, चटाई, सूप, टोकरी, मोस्टा आदि बनाये जाते है। जिनका उपयोग घरेलू एवं कृषि कार्यों के लिए किया जाता है। बांस से सूप, डालें, कंडी, छापरी, टोकरी आदि बनाये जाते है। बेत से टोकरियाँ, फर्नीचर आदि बनाये जाते है। केले के तने तथा भृंगराज से विभिन्न मूर्तियां बनाई जाती है। रेशा एवं कालीन शिल्प राज्य के अनेक क्षेत्रों में भांग के पौधे से प्राप्त रेशों से कुथले, कम्बल (Blankets), दरी (Carpet), रस्सियाँ आदि तैयार की जाती है। पिथौरागढ़ के धारचूला, मुन्सयारी व चमोली के अनेक क्षेत्रों में कालीन उद्योग काफी प्रसिद्ध है। भेड़ों के ऊन से यहाँ कम्बल, पश्मीना, चुटका, दन, थुलमा और पंखी बनाये जाते है। मृत्तिका शिल्प राज्य में मिट्टी से अनेक प्रकार के बर्तन (Pots), दीप (Lamp), सुराही (Flask), गमले (P...

उत्तराखंड की जलवायु

किसी भी स्थान की जलवायु वहां के भौगोलिक स्थिति, समुद्र तल से उंचाई, वायुदाब व जल और स्थल के वितरण पर निर्भर करती हैं। जलवायु का अध्ययन सामान्यत: ऋतुओं (Seasons) के आधार पर किया जाता हैं। ग्रीष्म ऋतु (Summer) भूमध्य रेखा से सूर्य जब कर्क रेखा की ओर बढ़ता है, तो ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत होती है, जून सबसे गर्म महीना है । वर्षा ऋतु (Monsoon) इस ऋतु की कालावधि मध्य जून से अक्टूबर तक है। राज्य के प्रमुख क्षेत्रों का वार्षिक वर्षा विवरण इस प्रकार – (i) सबसे कम वर्षा (40-80 cm) – वृहत हिमालय के ऊपरी व उत्तरी क्षेत्रों में। (ii) कम वर्षा (80-120 cm) – मध्य हिमालय के ऊपरी व उत्तरी क्षेत्रों में। (iii) अधिक वर्षा (120 – 200 cm) – दून तथा मध्य हिमालय के दक्षिणी ढालों व नदी घाटियों में। (iv) अधिकतम वर्षा (200 cm से अधिक) – शिवालिक, भाभर एवं तराई क्षेत्रों में। शीत ऋतु (Winter) इस ऋतु का प्रभाव मध्य अक्टूबर से मार्च तक रहता है, जनवरी राज्य का सबसे ठंडा महीना होता है। मुख्य बिंदु (Key Points) :- सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र    –     नरेन्द्र नगर (318 औसत वर्षा) ...

Uttarakhand GK 2020 Part 2 – Hindi | Uttarakhand History in Hindi 2020

Q51 . टिहरी रियासत के अंतर्गत राजमाता गुलेरिया किसकी संरक्षक थी? Ans-कीर्तिशाह Q52 . टिहरी रियासत के अंतर्गत किसानों के लिए बैंक ऑफ गढ़वाल की स्थापना किसने की किसने की? Ans-कीर्तिशाह Q53 . ब्रिटिश सरकार के द्वारा सर की उपाधि किस टिहरी नरेश की दी गयी? Ans-कीर्तिशाह Q54 . टिहरी का रवाई कांड कब घटित हुआ? Ans-30 मई 1930 Q55.श्रीदेव सुमन कितने दिन की भूख हड़ताल के बाद शहीद हुए? Ans-84 Q56.टिहरी राज्य प्रजामंडल का गठन कहाँ हुआ? Ans-देहरादून Q57.टिहरी रियासत के अंतर्गत सुदर्शनशाह कौन-से नंबर के राजा थे? Ans-55 Q58.टिहरी राज्य का विलय भारत संघ में कब हुआ? Ans-1 अगस्त 1949 Q59.विलय के पश्चात टिहरी संयुक्त प्रांत उत्तर प्रदेश का कौन सा जिला बना? Ans-50 Q60.बोलांदा बद्रीनाथ किन शासकों को बोला जाता है? Ans-गढ़वाल Q61.गढ़वाल शासकों की मंत्रिपरिषद में कुल कितने मंत्री होते थे? Ans-10 Q62.गढ़राज्य में सबसे बड़ी प्रशासनिक इकाई कौन सी थी? Ans-मंडल Q63.उत्तर पवार काल में मंडल के सैनिक पदाधिकारी को क्या कहते थे? Ans-फौजदार Q64.पवार काल में देव मंदिरों को प्रदत्त भूमि...

Uttarakhand GK 2020 – Hindi | Uttarakhand History in Hindi 2020

Q1 . उत्तराखंड में शासन करने वाली पहली राजनैतिक शक्ति कौन-सी थी? Ans-कुणिंद Q2 . कुणिंद वंश का सबसे शक्तिशाली शासक कौन था? Ans-अमोघभूति Q3 . छत्रेश्वर प्रकार का सिक्का किसने जारी किया? Ans-कुणिंद Q4 . उत्तराखंड के नाग राजवंश का सबसे शक्तिशाली शासक कौन था? Ans-गणपतिनाग Q5 . पौरव राजवंश को चीनी यात्रियों ने क्या नाम दिया? Ans-पो लि कि मो पो लो Q6 . पर्वताकार राजवंश की राजधानी कहाँ थी? Ans-ब्रहम्मपुर Q7 . पौरव वंश का सबसे शक्तिशाली शासक कौन था? Ans-अग्निवर्मन Q8 . पौरव राजवंशी शासकों के कुल देवता कौन थे? Ans-वीरणेश्वरस्वामी Q9 . किस राजवंश को उत्तराखंड का प्रथम ऐतिहासिक राजवंश माना जाता है? Ans-कत्यूरी Q10 . कार्तिकेयपुर राजवंश का संस्थापक कौन था? Ans-बसंतदेव Q11 . कार्तिकेयपुर राजवंश की जानकारी के प्रमुख स्रोत क्या हैं? Ans-बागेश्वर शिलालेख, पांडुकेश्वर शिलालेख, और बैजनाथ शिलालेख Q12 . कार्तिकेयपुर राजवंशी नरेशों के कुल तीन परिवारों में कितने शासकों का उल्लेख मिलता है? Ans-14 Q13 . कार्तिकेयपुर से कत्यूरी शासकों की राजधानी कहाँ स्थानांतरित हुई? Ans-ब...

उत्तराखंड की चित्रकला का इतिहास

उत्तराखंड की चित्रकला का इतिहास कई वर्षों पूर्व से शुरू होता है। उत्तराखंड की गुफाएं पहाड़ी चित्रकला शैली से भरी पड़ी हैं। उत्तराखंड की चित्रकला के साक्ष्य कई प्राचीन गुफाओं से प्राप्त हुए हैं, जहाँ प्राचीनतम शेल चित्र पाए गए हैं। जिनमें मानव को समूह में नृत्य करते हुए और विभिन्न पशुओं को दर्शाया गया है, जिन्हें रंगों से सजाया भी गया है। उत्तराखंड राज्य में चित्रकला के सबसे प्राचीनतम नमूने शैल चित्र (Rock paintings) के रूप में लाखु, ग्वारख्या, किमनी गाँव, ल्वेथाप, हुडली, पेटशाल, फलसीमा आदि गुफ़ाओं (Caves) में देखने को मिलते है। उत्तराखंड के कुछ प्राचीनतम कला-स्थल — अल्मोड़ा के लाखु गुफा के शैल चित्र में मानव को अकेले व समूह में नृत्य करते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा विभिन्न पशुओं को भी चित्रित किया गया है, इन चित्रों को रंगों से भी सजाया गया है। चमोली के ग्वारख्या की गुफा में अनेक पशुओं के चित्र मिलते है, जो लाखु के चित्रों से अधिक चटकदार है। चमोली के किमनी गांव के शैलचित्र में हथियार एवं पशुओं के चित्र है, जिन्हें सफेद रंग से रंगा गया है। अल्मोड़ा के ल्वेथाप के शैलचित्र में ...

Rudraprayag Ka Itihas { रुद्रप्रयाग}

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रुद्रप्रयाग भारत के उत्तरांचल राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में एक शहर तथा नगर पंचायत है। रुद्रप्रयाग अलकनंदा तथा मंदाकिनी नदियों का संगमस्थल है। यहाँ से अलकनंदा देवप्रयाग में जाकर भागीरथी से मिलती है तथा गंगा नदी का निर्माण करती है। प्रसिद्ध धर्मस्थल केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग से 86 किलोमीटर दूर है। भगवान शिव के नाम पर रूद्रप्रयाग का नाम रखा गया है। रूद्रप्रयाग अलकनंदा और मंदाकिनी नदी पर स्थित है। रूद्रप्रयाग श्रीनगर (गढ़वाल) से 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदाकिनी और अलखनंदा नदियों का संगम अपने आप में एक अनोखी खूबसूरती है। इन्‍हें देखकर ऐसा लगता है मानो दो बहनें आपस में एक दूसरे को गले लगा रहीं हो। ऐसा माना जाता है कि यहां संगीत उस्‍ताद नारद मुनि ने भगवान शिव की उपासना की थी और नारद जी को आर्शीवाद देने के लिए ही भगवान शिव ने रौद्र रूप में अवतार लिया था। यहां स्थित शिव और जगदम्‍बा मंदिर प्रमुख धार्मिक स्‍थानों में से है। रुद्रप्रयाग नगर पंचायत का गठन वर्ष 2002 में किया गया था, और 2006 में इसे नगरपालिका का दर्जा प्राप्त हुआ। रुद्रप्रयाग जिले का निर्माण 16 सितम्बर 1997 में ...